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मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के सदस्यों से वर्चुअली चर्चा की कर्फ्यू छूट की अवधि में कोरोना फैलाने की छूट नही

 कोरोना से बचाव का व्यवहार करना सभी की जिम्मेदारी


कोरोना के महाविकट संकटकाल में प्रबंधन समितियों ने अद्भुत कार्य

किया

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना फैलाने के लिए नही अपितु मानवीय जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरी मानते हुए बंद की गई सामाजिक आर्थिक गतिविधियों एवं सामाजिक जनजीवन को फिर से शुरू करने के लिए कोरोना में छूट दी गई है लेकिन आम नागरिक कोविड नियंत्रण के अनुरुप व्यवहार नही कर रहे हैं जिससे समाज में इस आपदा का बने रहने का खतरा भी सामने आ रही है। जरुरी है कि हर-एक व्यक्ति आगे होकर कोरोना नियंत्रण का व्यवहार करें और जिससे इस आपदा पर नियंत्रण बना रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना के महाविकट संकटकाल में जिले से लेकर खण्ड एवं ग्राम और वार्ड स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियों ने अद्भुत कार्य किया है।


प्रदेश के कोविड नियंत्रण, प्रबंधन एवं आपदा समितियों के कार्यों की चर्चा देश भर में सराही गई। मुख्यमंत्री श्री सिंह ने रविवार को आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों से वर्चुअली चर्चा करते हुए उक्त उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने बताया की प्रदेश में कोविड संक्रमण पॉजिटीविटी की दर 0.3 प्रतिशत है। ब्लैक फंगस के उपचार की युक्तियुक्त प्रबंधन शुरू किए गए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन समितियों का कार्य खत्म नही हुआ है। अब यह ऐसा सामाजिक ढांचा बन गया है जो हर आपदा और विपदा के साथ-साथ सामाजिक जन्नोमुखीं गतिविधियों में भी लगातार सहयोग करेगा। वर्चुअली इस समीक्षा में बीजेपी जिलाध्यक्ष श्री मलखान सिंह, विधायक श्री राजेश शुक्ला, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों सहित डीआईजी श्री विवेक राज सिंह, कलेक्टर छतरपुर श्री शीलेन्द्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा सहित समिति के सदस्य कलेक्ट्रेट एनआईसी कक्ष में उपस्थित रहे।


बार-बार कब तक लॉकडाउन


जनता भी सहयोग दे और कोविड के अनुरुप व्यवहार करे


मुख्यमंत्री श्री सिंह ने कहा कि बार-बार कब तक लॉकडाउन करेंगे। हमें कोविड संकट की स्थिति में भी सामाजिक जीवन को बचाये रखने के लिए आर्थिक गतिविधियों को भी चलाना होगा। इसीलिए जरुरी है कि हर-एक व्यक्ति कोविड संक्रमण को नियंत्रण करने के अनुरुप व्यवहार करे, मास्क लगाएं, दो-गज की दूरी रखें, हाथों को साफ करते रहें, बिना मास्क पहने लोगों को टोकें, उनसे बात-चीत न करें, दुकानदार ऐसे लोगों को सामान न दें, बाजार में अनावश्यक भीड़ न करें, एक-दूसरे से बातचीत के वक्त दो-गज की दूरी बनाए रखें, दुकानों के बाहर दो-गज की दूरी के गोले बनाएं और सबसे जरुरी है कि हर-एक व्यक्ति को कोविड टीकाकरण कराएं। हमें दुनिया चलाते हुए कोविड संक्रमण को नही बढ़ने देना है। टीकाकरण के लिए आपदा प्रबंधन समिति प्राथमिकता से लोगों को जागरुक बनाते हुए टीकाकरण कराएं।


तीसरी लहर की भयंकरता, संक्रमण और तीव्रता को कम करना होगा


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विश्व के विभिन्न देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील, सिंगापुर एवं इटली के कोविड संक्रमण के अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि औसत रुप से पहली लहर दूसरी लहर के चार महीनों में कोविड संक्रमण तेजी से फैला है। इसी लिए हमें भी बेहद सतर्क रहना होगा। तीसरी लहर के संकेत दिखाई दे रहें हैं। हम निश्चिंत न हो जाएं। हमें सभी प्रबंधन करते हुए तीसरी लहर की भयंकरता, संक्रमणता और तीव्रता को कम करना होगा। इसके लिए जरुरी है कि लापरवाही नहीं बरतें, हमेशा मास्क पहने रहें, भीड़-भाड़ में नहीं जाएं, सामाजिक मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजनों से दूरी बनाएं और संक्रमण के अनुकूल व्यवहार करते रहें तथा ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कराएं। जो लोग पॉजिटिव पाए जाते हैं उन्हें आइसोलेशन में रखें और किल-कोरोना अभियान में घर-घर सर्वे जारी रखते हुए दवाईयों की किट दें।

योग से निरोग कार्यक्रम के तहत प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं और इसे जीवन का अंग बनाएं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और जन्म दिवस पर अधिकाधिक पौध-रोपण करें। प्रत्येक ग्राम में स्वास्थ्य में प्रति समर्पित दो-दो व्यक्यिों जिसमें एक महिला एक पुरुष हो उन्हें बुनियादी प्रशिक्षण देकर जन जागरुकता का प्रचार-प्रसार कराएं। विकासखण्ड स्तर पर यह संख्या तीन तक रखें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिला आपदा प्रबंधन समितियों से तीसरी लहर के नियंत्रण के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किए। बीजेपी जिलाध्यक्ष श्री मलखान सिंह ने मुख्यमंत्री से ऑक्सीजन प्लांट की मशीन और संबंधित जरुरी यंत्र उपलब्ध कराने तथा मेडीकल कॉलेज को प्रारंभ करने की कार्यवाही शासन स्तर से शुरु करने की अपील की। विधायक श्री राजेश शुक्ला ने जटाशंकर धाम मंदिन कोविड गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए खोलने की अपील की।


विवाह कार्यक्रम में दोनों पक्षों से 20-20 लोग उपस्थित रह सकेंगे


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आपदा प्रबंधन समितियों से मिले सुझाव के अनुसार कहा कि विवाह कार्यक्रम में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए दोनों पक्षों से 20-20 लोग उपस्थित रह सकेंगे। उपस्थित लोगों का कलेक्टर कोविड परीक्षण कराएंगे। श्री चौहान ने कहा कि कोविड संक्रमण के अलावा अनाथ हुए बच्चों को समाज के साथ मिलकर शिक्षा, आश्रय, आहार और जीवनयापन की सम्पूर्ण व्यवस्था सरकार करेगी।



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