Followers

Total Pageviews

Monday, March 16, 2020

सिनेमा घरों में सिनेमा प्रदर्शन प्रतिबंधित

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शीलेन्द्र सिंह ने वाणिज्यिक कर विभाग के निर्देशानुसार नागरिकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त रखने के उद्देश्य से सिनेमा घरों में सिनेमा के प्रदर्शन पर रोक लगाई है। यह आदेश आगामी 31 मार्च अथवा इस संबंध में जारी अन्य आदेश, जो भी पहले हो, तक सिनेमा प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।  

फसल अवशेष जलाने के संबंध में निर्देश

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक मनोज कश्यप ने गर्मी के महीनों में फसल अवशेष जलाने के संबंध में अवगत कराया है कि गत जून से दिसम्बर माह में फसल अवशेष जलाने की कई घटनाएं देखी गई हैं। केवल जून माह में ही पूरे प्रदेश में फसल अवशेष जलाने की 443 घटनाएं घटित हुुई हैं। फसल अवशेष जलाने के परिणामस्वरूप मेथेन, कार्बन डाईऑक्साइड, नाइट्रसऑक्साइड, नाइट्रसपराक्साइड, कण प्रदूषण का उत्सर्जन, पोषक तत्वों की हानि और पर्यावरण सहित मृदा स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। फसल अवशेष में उपलब्ध कार्बन की कुल मात्रा 80 से 90 प्रतिशत, नाइट्रोजन 25 प्रतिशत, फास्फोरस 20 प्रतिशत, पोटाश और सल्फर के विभिन्न गैसों के रूप में और कण प्रदूषण के कारण वातावरण में प्रदूषण होता है।
उपरोक्त स्थितियोंं के दृष्टिगत फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को इसकी हानियों से अवगत कराने और जागरूकता फैलाने सहित फसल अवशेषों को स्ट्रारीपर से कटाई के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे नरवाई जलाने की प्रथा पर रोक लगाई जा सके। किसानों को सलाह दी गई है कि गेहूं के डंठलों को जानवरों के आहार और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भूसा बनाने वाली मशीन से कटाई कराएं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा भी अधिनियम अंतर्गत फसल कटाई के उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाए जाने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही आगामी रबी की कटाई में कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम को लगाने की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यदि किसान स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग नहीं करना चाहते हैं तो उन्हें स्ट्रा रीपर का उपयोग कर फसल अवशेषों से भूसा प्राप्त करना जरूरी होगा। इसके बाद भी किसानों द्वारा नरवाई में आग लगाने की स्थिति में पर्यावरण विभाग द्वारा संबंधित किसान के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

मेला और जुलूस उत्सव की सभी अनुमतियां निरस्त

अनुविभागीय दण्डाधिकारी छतरपुर द्वारा अनुविभाग अंतर्गत आगामी 31 मार्च तक के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए निर्देशन के अनुक्रम में मेला, जुलूस और फाग उत्सव सम्मेलन की अनुमतियां जनसमुदाय को एकत्र होने से रोकने के उद्देश्य से और आमजन की लोक स्वास्थ्य एवं लोकहित की सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल प्रभाव से निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा इस संबंध में पूर्व में जारी की गई सभी अनुमतियां भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद की अनंतिम चयन सूची जारी

महिला एवं बाल विकास परियोजना छतरपुर शहरी कार्यालय अंतर्गत वार्ड क्रमांक 25 और 31 में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे।
विकासखण्डस्तरीय चयन समिति की 13 मार्च को हुई बैठक में वार्ड क्रमांक 25 के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 34 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद पर कु. हुमा खातून और वार्ड क्रमांक 31 के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 55 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद पर आरती कुशवाहा का अनंतिम रूप से चयन किया गया है।
अनंतिम चयन सूची के संबंध में कार्यालयीन समय में किसी भी प्रकार की दावा-आपत्ति आगामी 23 मार्च तक गुरूनानक पार्क के बगल में, न्यू कॉलोनी में स्थित परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।  

कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई टी.एल. बैठक

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर ने टी.एल. और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
कलेक्टर ने बैठक के दौरान फसल नुकसानी, स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ वितरण, जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देश दिए कि जिले में बढ़ रहे और अवैध अतिक्रमण को हटाने के साथ ही बगैर अनुमति के लगाए गए होर्डिंग जल्द से जल्द हटाए जाएं। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि सभी विकासखण्ड की गौशालाओं का कार्य 31 मार्च तक पूर्ण कर आवारा गौवंश को गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए।
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के प्रति संवेदनशील होकर उनका प्रभावी क्रियान्वयन करें। कार्य में सुधार न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
प्रत्येक जिला स्तरीय अधिकारी लेंगे एक स्कूल को गोद
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि शासकीय स्कूलों की मॉनिटरिंग, बेहतर देखरेख और गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी लाने के लिए सभी जिला अधिकारी एक-एक स्कूल गोद लेंगे। साथ ही प्रति सप्ताह समस्त जिला अधिकारी कम से कम एक स्कूल और स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण उपरांत पाई गई स्थिति से कलेक्टर को अगली समय-सीमा बैठक में अवगत कराएंगे। उन्होेंने बताया कि जब प्रत्येक जिला अधिकारी अपनी क्षमता के अनुरूप शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में योगदान देंगे, तभी जिला विकास और प्रगति के नए आयाम छू पाएगा।
प्रेक्षक अमर सिंह चंदेल ने की निर्वाचन कार्याें की समीक्षा
आयोग द्वारा नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन हेतु फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण 2020 की कार्यवाही के लिए नियुक्त किए गए प्रेेक्षक अमर सिंह चंदेल ने आज समयावधि बैठक में संबंधित अधिकारियों से पुनरीक्षण कार्य हेतु चल रही तैयारियों की जानकारी लेकर समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि जिस किसी बूथ पर दावे/आपत्तियां लिए जा रहे हैं, वहां आमजनों की जागरूकता के लिए फ्लैक्स लगवाए जाएं। इसी के साथ मतदाता सूची में पाए गए लिंग भेद को कम करने के लिए अधिकारियों को अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सूची में सम्मिलित करने के निर्देश दिए।

Wednesday, March 4, 2020

शासकीय कन्या महाविद्यालय में हुआ संगोष्ठी का आयोजन

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत कार्यरत क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो की छतरपुर इकाई ने 8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस  को लेकर बुधवार को जिले के शासकीय कन्या पीजी कॉलेज में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी का विषय था “बुंदेलखंड क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दशा और दिशा।“
इस अवसर पर समाजसेविका श्रीमती गायत्री देवी परमार ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा और रोजगार के स्तर में बेहतरी होने के बावजूद समाज में दहेज प्रथा आज भी एक कुरीति के तौर पर व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कानून चाहे जितने बन जाएं, जब तक समाज और हमारी सोच नहीं बदलेगी, तक तक यह समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान महिलाओं एवं पुरुषों के बीच बराबरी की बात कहता है। लेकिन इसके बावजूद महिला दिवस मनाने की नौबत आती है। उन्होंने कहा कि आज की लड़कियां न सिर्फ शिक्षित बन रही हैं, बल्कि घर चलाने में आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण योगदान भी कर रही हैं। मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कलावती अनुरागी ने कहा कि महिला सुरक्षा आज एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। वे हर काम बखूबी कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे बड़ा सोचें और संकीर्ण मानसिकता से दूर रहें। जानीमानी सामाजिक कार्यकर्ता एवं गांधी आश्रम की व्यवस्थापक श्रीमती दमयंती पाणि ने कहा कि समाज में लिंग, जाति एवं धर्म के आधार पर भेदभाव को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए हर दिन महिला दिवस जितना ही महत्वपूर्ण है। यदि महिलाएं एक समूह के तौर पर एकजुट होंगी तो यह उनकी ताकत बनेगी। पाणि ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के बिना समाज का हर काम अधूरा है। जनभागीदारी समूह की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति विश्वकर्मा ने कहा कि कभी-कभी लड़कियां खुद को कमजोर मान बैठती हैं, जिससे वह जीवन में पीछे रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने आत्मविश्वास से हर परिस्थिति का डटकर मुकाबला करना चाहिए। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शशि प्रभा परिहार ने कहा कि यदि महिला शिक्षित होगी तो समाज, देश और फिर पूरी दुनिया रहने के लिए एक बेहतर जगह बन जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं को उनका लाभ लेना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में चलाई जा रही योजनाओं से महिलाओं के शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में काफी मदद मिली है। कॉलेज की प्रोफेसर गौरी सनागो ने कहा कि आज महिलाओं में शिक्षा का स्तर इतना बेहतर हुआ है कि शासकीय कन्या पीजी कॉलेज में 85 फीसदी छात्राएं ग्रामीण पृष्ठभूमि की हैं। हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि इतना सब कुछ होने के बावजूद समाज का एक तबका महिलाओं को दोयम दर्जे का समझता है। 
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी श्री प्रियभांशु रंजन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार की तरफ से चलाई जा रही ’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, तीन तलाक कानून, सस्ती दरों पर सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। संगोष्ठी के दौरान कॉलेज की छात्रा पिंकी शुक्ला, दीपा लोधी, सुप्रिया अवस्थी और पुष्पा अहिरवार ने गीत एवं कविता की शानदार प्रस्तुति दी। उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन क्षेत्रीय प्रचार सहायक श्री श्रवण कुमार साहू ने किया।