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पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा संस्थापक एवं प्रेरणामूर्ति श्रीमती शांति मिश्रा की चतुर्थ पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य परिचर्चा संपन्न पद्ममश्री डॉ. अनुराधा पोडवाल ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की:

 कोविड-19 की दूसरी लहर में आर्थराइट्स, हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं का समाधान विषय पर परिचर्चा: * 


नई दिल्ली पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास की संस्थापक एवं प्रेरणामूर्ति श्रीमती शांति मिश्रा की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर वर्चुअल भजन संध्या एवं स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। 30 अप्रैल को सुप्रसिद्ध भजन गायिका डॉ. अनुराधा पोडवाल ने भजन प्रस्तुत कर श्रीमती शांति मिश्रा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर 13वीं स्वास्थ्य परिचर्चा का भी आयोजन किया गया। माइक्रोसॉफ्ट टीम सॉफ्टवेयर के जरिए संपन्न हुए हेल्थ वेबिनार में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त महानिदेशक आर्मी मेडिकल सेवा डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी जी ने आर्थराइट्स, हड्डी, जोड़, स्पाइन व मोटापा विषय पर लोगों को चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। लगभग ढ़ाई घंटे तक चली इस परिचर्चा में डॉ वेदप्रकाश चतुर्वेदी ने कोरोना की दूसरी लहर, दवाओं, टीकाकरण एवं आर्थराइट्स से जुड़े लगभग 427 प्रश्नों के उत्तर भी दिए। परिचर्चा में देश और विदेशों से मोबाइल, लैपटॉप, आईपैड, टीवी स्क्रीन आदि माध्यमों से 8465 लोग जुड़े। न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।


 भजन संध्या से बना आध्यात्मिक वातावरण 


कार्यक्रम के शुभारंभ में सुप्रसिद्ध भजन गायिका पद्मश्री डॉ. अनुराधा पोडवाल ने भजनों की आकर्षक प्रस्तुति के साथ अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्रीमती पोडवाल ने लोगों के समक्ष प्रेरणादायी उद्बोधन देते हुए कहा कि आज के दौर में लोगों में सहनशीलता की बहुत कमी है। आवश्यकता है लोग अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा आज लाइफ नहीं लाइफस्टाइल महंगी हो गई है। इस अवसर पर न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि लोग डॉ. अनुराधा पोडवाल के भजन गायिका वाले व्यक्तित्व से परिचित हैं, लेकिन समाजसेविका के रूप में वह जो कार्य कर रही हैं, उससे बहुत कम लोग परिचित हैं। उल्लेखनीय है कि श्रीमती पोडवाल द्वारा महाराष्ट्र में जल संरक्षण के अनुकरणीय प्रयास किए जा रहे हैं। नांदेड़ के माहुर में अपने सूर्योदय फाउंडेशन के जरिए उन्होंने 10 गांव जल संरक्षण हेतु गोद लिए हैं। सूर्योदय फाउंडेशन द्वारा किए गए जल संरक्षण प्रयासों का नांदेड़ यूनिवर्सिटी में अध्ययन भी हो रहा है। पद्मश्री से सम्मानित श्रीमती पोडवाल ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल का संकट समाप्त होते ही वह पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास के सहयोग से बुंदेलखंड में जल संरक्षण के प्रयासों को गति देंगी।


 *स्वास्थ्य परिचर्चा में डॉ वेदप्रकाश चतुर्वेदी ने दिए हेल्थ टिप्स: * 


डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी जी ने इस अवसर पर कहा कि जुकाम/फ्लू भी वायरस है। सौ में 90% प्रतिशत को किसी प्रकार की चिंता की जरुरत नहीं है। कोई भी दवा न लें  व्यक्ति तब भी ठीक हो जाएगा। 100 में 1 प्रतिशत लोगों को आईसीयू की जरुरत पड़ती है। जबकि 9 प्रतिशत लोगों को डॉक्टर की देखरेख की आवश्यकता पड़ती है। कोरोना की संक्रमण दर सामान्य जुकाम से कहीं अधिक होती है, इसलिए यह खतरनाक है। उन्होंने कहा कि घर में भी अब मास्क पहनने की जरुरत है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि लोग धैर्य बनाकर रहें, देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

आर्थराइट्स के बारे में बोलते हुए डॉ वेदप्रकाश चतुर्वेदी ने कहा कि यह मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है। कमर, गर्दन और घुटनों की आर्थराइट्स। इसे ऑस्टियो आर्थराइट्स भी कहते हैं। सियाटिका, सिमिट्रिकल आर्थराइट्स, रुमिटो आर्थराइट्स भी अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों में होता है।


स्वास्थ्य परिचर्चा में पूछे गए प्रश्न व उनके उत्तर:


 श्रीमती मालती राजकुमार जैन- 5 वर्ष से आर्थराइट्स से पीड़ित हैं। पैर में गठान हो रहे हैं।हाथ उठाने में दिक्कत होती है। क्या करें?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी - देखकर ही बता पाना संभव होगा। वैसे यह ऑस्टियो आर्थराइटिस के लक्षण हैं। डायबिटीज और थायरॉइड को नियंत्रित करें।

 श्रीराम रिछारिया- बच्चे घरों में बंद हैं, मोटापा बढ़ रहा है, क्या करें?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी -वजन बढ़ने की कोई दवा नहीं है। घर में ही व्यायाम करें। मोबाइल, टीवी की जगह शारीरिक श्रम के कार्य करें।

 *प्रो. एल. एन. रावत * - चलते समय घुटनों से आवाज आती है, क्या यह कोई गंभीर समस्या है?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी- उम्र बढ़ने के साथ यह समस्या होती है। घुटनों के नीचे तकिया रखें,दस बार उसे घुटनों से दबाएं।


 श्रीमती जया मिश्रा - क्या आर्थराइट्स की दवाओं के कुछ साइड इफैक्ट भी होते हैं?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी -दुनिया में किसी दवा के कोई साइड इफैक्ट नहीं होते हैं, बशर्ते उन्हें चिकित्सक के परामर्श के अनुसार लिया जाए।

अनंत सोनी- मेरी पत्नी को रात के वक्त घुटनों में दर्द होता है, जबकि सभी जांच रिपोर्ट सामान्य हैं, क्या करें?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी- जैलिंग फीनॉमिना इसे कहते हैं, गैर विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा बताई गई सामान्य जांच से इस मर्ज को पकड़ पाना मुमकिन नहीं है। अच्छे विशेषज्ञ को दिखाना होगा।

 दीपन वर्मा- कैल्शियम सप्लीमेंट लेने का नुकसान तो नहीं है?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी- कैल्शियम कोई दवा नहीं है। यह पोषक तत्व है। बढ़ते हुए बच्चे को 16 साल तक और जिन महिलाओं का मासिक धर्म रुक जाता है, उन्हें सामान्यत: इसकी आवश्यकता होती है। आज कल कुछ कंपनियां अपने उत्पाद की बिक्री के लिए इसके विषय में कुप्रचार करती हैं।

 रजनीश - कंधे में दर्द रहता है, फ्रोजन सोल्डर है। क्या यह आर्थराइट्स है?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी - सोल्डर ज्वाइंट के ईर्द-गिर्द यह लिगामेंट से जुड़ी बीमारी है। थायराइड की जिसे समस्या होती है, उन्हें अधिक परेशान करती है।

 सुदीप पांडे- खिलाड़ियों के जोड़ों में दर्द की समस्या अक्सर क्यों पैदा होती है?

 डॉ वेदप्रकाश चतुर्वेदी : 

इसके लिए आपको स्पोर्ट्स मेडिसिन के डॉक्टर से परामर्श करना होगा, मूल रूप से किसी भी शरीर के अंग का जरुरत से ज्यादा उपयोग होने पर प्री मैच्योर डिस्ट्रक्शन जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

 शंकर्षणाचार्य जी महाराज - बुंदेलखंड समेत देश की स्थिति चिंताजनक है, ऐसी हालत में आप लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे?

 डॉ. वेदप्रकाश चतुर्वेदी- बहुत अच्छा प्रश्न आपने किया। दरअसल, डॉक्टर का कार्य सिर्फ इलाज करना नहीं है, उसे लोगों में भरोसा भी जगाना चाहिए। दुर्भाग्य से इस आपदा में भी कुछ लोग आर्थिक लाभ के अवसर अधिक देख रहे हैं। यह नहीं होना चाहिए। हम सभी अफवाहों से दूर रहें, सकारात्मक समाचार व उपलब्धियों को देखें सुनें और उसे आगे प्रेषित करें। सरकार पर भरोसा रखें, आखिरकार यदि कोरोना की श्रृंखला को तोडना है तो कुछ कड़े निर्णय तो लेने ही पड़ेंगे। इस परिस्थिति का सभी लोगों को मिलकर ही सामना करना पड़ेगा।

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