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पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित 14 वीं स्वास्थ्य परिचर्चा संपन्न

 घर की रसोई में ही मौजूद है सभी असाध्य बीमारियों का उपचार : पं. लक्ष्मणदास रत्न भारद्वाज 


 नीबू रस के उचित सेवन से भी ठोक हो सकते हैं कोरोना मरीज 


 स्वदेशी और घरेलू विधियों से असाध्य रोगों के उपचार संभव 


 नई दिल्ली/भोपाल/सतना/छतरपुर । कोरोना नामक अदृश्य महामारी ने भारत में वर्षों से चल रही प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति और स्वदेशी जीवनशैली की ताकत को पुनर्स्थापित किया है। को




रोना संक्रमित व्यक्ति जहां आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार से स्वस्थ हो रहे हैं। वहीं यह रोग के पूर्व निदान की संकल्पना पर कार्य करता है। स्थिति यह है कि बड़े-बड़े चिकित्सा संस्थानों के एलोपैथिक चिकित्सक भी आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों की ओर लौटने का आह्वान कर रहे हैं। पं.गणेश प्रसाद मिश्र उपाख्य दद्दा जी (वैद्य जी) ने स्वदेशी और आयुर्वेद को जन-जन के जीवन का हिस्सा बनाने के लिए कार्य किया। यही वजह है कि पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास निरन्तर अपने प्रेरणापुंज के बताए मार्ग पर चलते हुए आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति, नाड़ी ज्ञान को अपनाने पर बल दे रहा है। इसी क्रम में पं.गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा चौदहवीं स्वास्थ्य परिचर्चा : कोविड महामारी काल में आयुर्वेद के घरेलू  उपायों से उपचार पर आयोजित की गई। स्वास्थ्य परिचर्चा में आयुर्वेद के घरेलू उपाय से 94 वर्षीय वैद्य पं. लक्ष्मण दास रत्न भारद्वाज जी ने कोविड काल में किडनी, फेंफडों, अल्सर, पाइल्स, नज़र, मोटापा, सुगर, बी पी., हार्निया एवं चर्म रोगों जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव हेतु परामर्श दिया।

        माइक्रोसॉफ्ट टीम सॉफ्टवेयर पर 7 मई (शुक्रवार) सायंकाल आयोजित स्वास्थ्य परिचर्चा में वैद्य पं. लक्ष्मण दास रत्न भरद्वाज जी ने लोगों के प्रश्नों का बड़ी बेबाक़ी से सरल सहज भावों से उत्तर दिये। दो घंटे तक चली परिचर्चा में जीवनचर्या, दवाइयों, खानपान, जड़ी बूटियों जैसे सभी प्रश्नों के उत्तर दिये गये। आज की इस परिचर्चा में  452 प्रश्न प्राप्त हुये थे, जिनके उत्तर 94 वर्षीय वैद्य जी ने सरलता व समझाइस के साथ दिये। कुल 3972 मोबाइल फ़ोन/ लैपटॉप/ आईपैड/ टीवी स्क्रीन पर 8521  लोगों ने सपरिवार इसका लाभ उठाया। देश विदेश की अनेक बड़ी हस्तियों ने व छोटे गॉंव तक रहने वालों ने सहभागिता करके लाभ उठाया।

     स्वास्थ्य परिचर्चा में लोगों को संबोधित करते हुए  पं. लक्ष्मणदास रतन भारद्वाज ने कहा कि नाड़ी परीक्षण के जरिए तमाम बीमारियों का पता चल जाता है। आज लोगों को नाड़ी परीक्षण से उपचार का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। इससे हम भारतीय संस्कृति की एक बड़ी धरोहर से वंचित हो रहे हैं। खाना खाते समय पानी न पीने की बात कहने वाली धारणा बिल्कुल गलत है। प्याज और लहसुन का सेवन बहुत अच्छा है। रोगों से मुक्ति दिलाने वाले सभी पदार्थ छिलके युक्त होते हैं। आज पूरे संसार में कोरोना की बीमारी चल रही है जबकि हमारे घर की रसोई में ही हर दवाई उपलब्ध है। लहसुन, प्याज और अदरक दवाओं की त्रिवेणी है। रात में शहद के साथ इनका सेवन करना अत्यंत लाभकारी है। यह  सभी रोगों का पूर्व में ही निदान कर देता है।

आज कैंसर, ह्दय और किडनी से जुड़ी बीमारियां भी घर की रसोई में उपलब्ध चीजों से ठीक हो जाती हैं। वात, पित्त और कफ शरीर को चलाने वाले तीन तत्व हैं। नाड़ी परीक्षण में हम इनके मध्य संतुलन बनाते हैं। आंवले के मुरब्बे से वात, पित्त और कफ का संतुलन बनाया जा सकता है, बेल के जरिए पाचन तंत्र ठीक हो जाता है। गाजर का मुरब्बा खाइए। गौमूत्र हर प्राणी के लिए अमृत है। किडनी के मरीजों के लिए यह रामबाण संजीवनी है।पानी को यदि आप थोड़ा चुस्की लेकर पिएंगे तो यह आपको स्वस्थ रखेगा। उन्होंने कहा कि मैंने किसी विश्वविद्यालय में यह ज्ञान अर्जित नहीं किया है। मैंने तो घने जंगलों में रहने वाले तपस्वी, संतों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले वैद्य और हकीम से घरेलू विधि से चिकित्सा सीखी है। 24 साल औषधियों की खोज करने में लगाए हैं। एसी, फ्रिज और कूलर आज अधिकांश बीमारियों की जड़ है। कूलर की हवा में नमी होती है, यह फेफड़ें और सांस की नली में नमी जमा कर देता है। फ्रिज के जरिए अमोनियम गैस हमारे पोषण तंत्र में आ जाती है। एअर कंडीशनर में काम करने से ट्यूमर और माइग्रेन हो रहा है। आज कपड़ों से बहुत सी बीमारियां पैदा हो रही हैं। सूती कपड़े पहनें, ढीले पहनें। कृत्रिम कपड़ों से बहुत से रोग हो रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए पके नीबू का रस नाक में डालें, इससे दस्त भी लग सकता है। लेकिन सर्दी और जुकाम या कोरोना सब ठीक हो जाएगा।


 स्वास्थ्य परिचर्चा में पूछे गए प्रश्न व उत्तर: 


 रामदास उपाध्याय-  निम्न रक्तचाप वाले लोग घरेलू उपचार रूप में क्या करें?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : चार आंवले सुबह और शाम खाइए,इसके बाद गाय का दूध पीएं। आंवले को कूटकर उसका सेवन करें। गुड़ के साथ भी ले सकते हैं। न तो बीपी हाई होगा न ही लो।


अनुज परौहा (रीवा) सुगर हाई रहता है क्या करें?

पं. लक्ष्मण दास रत्न भारद्वाज-

आक के पते में सरसों का तेल लगाकर पैर के तलवे में रखकर मोज़ा पहन लें, दिन भर में सुगर ग़ायब हो जायेगी ।

 अंजलि सक्सेना (प्रयागराज) - 9 साल का बेटा है, नाभी के पास दर्द रहता है, पेट में गठानें पड़ गईं हैं, क्या उपाय करें?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : मेडिकल साइंस में किसी रोग की दवाई नहीं है। बिस्कुट अधिक खिलाने के कारण ऐसा हुआ है। बच्चे को मेरे पास लेकर आए। गाय या बकरी का दूध लाभकारी है।


बॉबी असाटी- पाइल्स की तकलीफ़ कैसे ठीक करें?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : बवासीर की सैकड़ों दवाएं हैं। नागदान के पत्ते काली मिर्च के साथ सुबह-दोपहर शाम लें। एक माह में ठीक हो जाएगा। 


 दीपन वर्मा- कोरोना से बचने का उपाय बताएं?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : पके हुए नीबू का रस किसी ड्रॉपर के जरिए हर चार घंटे बाद चार-चार बूंद नाक में डालें। श्वास नली ऐसे साफ होगी मानो गंदे नाले से कचरा निकल रहा है।


 नीरज पांडे(सतना) - घुटनों में दर्द रहता है व ग़ैप बन रहा है , समाधान बताएं?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : लहसुन को पीसकर उसका एक चम्मच रस बनाएं। पचास ग्राम तिल के तेल या सरसों के तेल में मिलाकर मालिश करें। 20-20 ग्राम एक-एक घुटने में तेल को लगाकर मालिश करें। यह क्रिया सुबह-शाम 15 दिन करना होगा। इसी तरह पैर के तलवों में भी 10 ग्राम उसी तेल से मालिश करना लाभप्रद रहेगा ।


 राजेंद्र, मिथिलेश त्रिपाठी, पुष्पेंद्र पाठक - गैस बनती है, घरेलू उपचार के रूप में क्या करें?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : लहसुन, प्याज, अदरक की 10 ग्राम चटनी बनाएं। काला नमक, काली मिर्च और नीबू रस के साथ शिकंजी के रूप में लें।


 गणेश श्रीवास्तव (प्रयागराज) - कोरोना पॉजीटिव होने के बाद ठीक हो गए हैं लेकिन कमजोरी बहुत आ गई है?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : बकरी का दूध मिल जाए तो 25 ग्राम दूध और 25 ग्राम पानी मिलाकर, उसमें 30 ग्राम तिल का तेल या गाय का घी मिलाकर मालिश करें। पसीना बहुत आएगा, लेकिन कमजोरी का नामोनिशान नहीं रहेगा।


 कृष्णा, कामता पांडे - मास्क लगाने से खुजली बहुत होती है, क्या करें?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : जब भी खुजली हो नीबू के रस से मालिश करें। बाल तोड़ भी लोगों को बहुत होता है, प्याज को काटकर रगड़ने से ठीक हो जाता है।


 मदनदास गोपाल (जौनपुर) - पूरे दिन थकान सी रहती है।आलस्य से कैसे बचें?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : सूर्योदय के बाद उठने वालों को आलस्य रहता है। दिन में एक-दो घंटा जरुर सोना चाहिए।


 श्रीराम रिछारिया - सर्दी, जुकाम से डर लगने लगा है, क्या है इसका उपचार?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : कोरोना सर्दी का बिगड़ा हुआ रूप है, सुख सागर में इसका उल्लेख है। इसके उपचार भी बताए गए हैं। लहसुन से बढ़कर इसकी कोई दवा नहीं है। एक गिलास पानी हल्का गुनगुना, तीन लहसुन की कला पीसकर उसमें मिला लें। लहसुन से चिकनगुनिया हो या कोरोना सभी विषाणु को नष्ट कर देता है।


 संतोष गंगेले(कर्मयोगी)- प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में जो औषधियां बताई जाती हैं, उन्हें घर में बनाना मुश्किल होता है, क्या करें।

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : रोग के मुताबिक दवाएं दी जाती हैं, हमेशा के लिए रोग को ठीक करने के लिए औषधियां दी जाती हैं। थोड़ा प्रयास कर इन्हें हासिल किया जा सकता है।


 विवेक स्वरुप(प्रयागराज) - बच्चों के मोटे चश्मा बचपन से लगाना पड़ रहा है, आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं?

 पं. लक्ष्मणदास भारद्वाज : चश्मा लगने का मुख्य कारण है नजला जमना। गाय का दूध, लहसुन, प्याज और अदरक (दस से पचास ग्राम) उबाल कर पीना चाहिए ।

न्यास के अध्यक्ष डॉ राकेश मिश्र ने परिचर्चा का कुशल संचालन करते हुए सभी प्रश्नों को श्रेणीबद्ध करते हुये किडनी, फेंफडों, अल्सर, पाइल्स, नज़र, मोटापा, सुगर, बी पी., हार्निया एवं चर्म रोगों जैसी गंभीर बातों को समाहित करते कहा कि यह परिचर्चा पुन: सुनने के लिये हमारे यूट्यूब चैनल पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास की स्वास्थ्य परिचर्चायें www.gpmsevanyas.org पर   देख सकते हैं।  सभी स्वास्थ्यवर्धक परिचर्चाओं को संशोधित कर यूट्यूब पर लगाया गया है ।

        अगली परिचर्चा शीघ्र ही नये विषय पर देश के ख्यातिलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञ के साथ होगी। न्यास की सचिव श्रीमती आशा रावत ने अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि न्यास द्वारा आयोजित परिचर्चा में सभी अधिकारियों, नागरिकों, पत्रकारों, छात्रों, शिक्षकों, महिलाओं, बच्चों व सहयोगियों का हम ह्रदय से आभारी हैं। न्यास सदैव सेवा कार्यों के प्रति समर्पित रहा है उसी श्रृंखला में यह आयोजन हो रहे हैं।

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