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पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित दसवीं स्वास्थ्य परिचर्चा:* *डॉ सन्दीप मित्तल ने बताया कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के उपचार *

  पहली लहर से कहीं अधिक खतरनाक कोरोना की दूसरी लहर, लापरवाही हो सकती है जानलेवा : डॉ सन्दीप मित्तल 


 मेदांता के डॉक्टर सन्दीप मित्तल ने कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के लिए दिए हेल्थ टिप्स 


 पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा  फिर शुरू हुआ ऑनलाइन स्वास्थ्य परिचर्चाओं का आयोजन, घर बैठे डॉक्टर दे रहे कोरोना से बचाव के मंत्र 


 जानिए वह उपाय, जो कोरोना की दूसरी लहर से बचाव में होगी कारगर 



नई दिल्ली/छतरपुर/ सतना।

कोरोना ने एक बार फिर भयावह शक्ल अख़्तियार कर ली है। लगातार बढ़ रहे संक्रमण और मौत के आंकड़े चिन्तजनक हैं। केंद्र और राज्यों द्वारा कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है, बावजूद इसके लोगों की लापरवाही से समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर रूप लेती जा रही है। इस बीच कोरोना की दूसरी लहर को लेकर जहां लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं, वहीं हर व्यक्ति वैक्सीन के साथ ही कोविड के नए स्ट्रेन (रूप) से बचाव के तरीके खोज रहा है। पं गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा कोरोना की दूसरी लहर के बीच 18 अप्रैल रविवार को स्वास्थ्य जागरूकता के लिए दसवीं स्वास्थ्य परिचर्चा (हेल्थ वेबिनार) का आयोजन किया। द्वितीय कोरोना लहर से कैसे बचें तथा श्वसन संबन्धी चुनौतियों के समाधान विषय पर देश-विदेश से 380 प्रश्न न्यास को प्राप्त हुए, जिसमें लगभग सभी का डॉ सन्दीप मित्तल जी ने सरल शब्दों में जवाब दिया। कोविड की दूसरी लहर को लेकर डॉ सन्दीप मित्तल जी ने सारगर्भित रूप से न सिर्फ जानकारी दी बल्कि उन्होंने कई अफवाहों के बारे में भी बताया, जिससे सभी को जागरूक रहना है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर में कोविड वायरस में विभिन्न प्रकार के म्यूटेशन देखने को मिले हैं। इस बार वायरस में यूके, ब्राजील और साउथ अफ्रीकन स्ट्रेन पाए गए हैं। भारत में जो वायरस है, उसकी संरचना में बहुत जल्दी ट्रांसमिट होने की क्षमता है। यह एक साथ सात-आठ लोगों को संक्रमित कर सकता है। एक तरह से इसमें डबल म्यूटेशन है। 45 साल से कम उम्र के लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। एक नई चीज़ यह भी सामने आई है कि कोरोना की दूसरी लहर में बच्चे भी बहुत संक्रमित हो रहे हैं। हालांकि बच्चों में इसके गंभीर लक्षण नहीं हैं। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि इस बार की लहर में लक्षण थोड़ा अलग हैं। बलगम ज्यादा आ रहा हैं। दस्त भी हो रहे है। बुखार काफी तेज होता है। इसी तरह यह एक जगह पर ही व्यापक दायरे में या कहें बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। ताजा मामलों में देखा जा रहा है कि मरीज का पहला सप्ताह तो काफी आसानी से निकल जाता है, लेकिन 8-10 दिन बाद सांस की दिक्कत या बीमारी की तीव्रता बढ़ जाती है। पहले ट्रेंड में 5-10 दिन में ही लोग ठीक हो जाते थे, लेकिन अब लोगों को ठीक होने में अधिक समय लग रहा है। लेकिन लोग अभी भी ठीक हो रहे हैं। लोगों के स्वस्थ्य होने की दर भी काफी अच्छी है। इस बार इलाज में हमें स्ट्रॉयड ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि अच्छी बात यह है कि सरकार ने टीकाकरण अभियान को तेज गति से शुरू किया है। स्वास्थ्य परिचर्चा में लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि दूसरी लहर में लोग कोरोना के प्रति कहीं अधिक लापरवाह हो गए हैं। इससे लोग अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं।

        दसवीं स्वास्थ्य परिचर्चा में देश विदेश में लगभग 1768 मोबाइल, लैपटॉप, आईपैड व टी. वी. पर ऑनलाइन जुड़े रहे जिससे कुल 5214 संख्या लाभान्वितों की रही। न्यास के अध्यक्ष डॉ राकेश मिश्र जी ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि टीकाकरण अभियान में सहयोग करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अन्य लोगों को भी जागरूक करें। इस अवसर पर डॉ राकेश मिश्र ने लोगों को आश्वस्त किया कि न्यास इस बार भी प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंदों की हर संभव सहयोग करेगा। 


 न्यास को लगातार सहयोग करते रहे हैं डॉ सन्दीप मित्तल 

मेदांता मल्टी सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल गुरुग्राम के प्रसिद्ध पल्मोलॉजिस्ट डॉ सन्दीप मित्तल जी पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास द्वारा आयोजित बहुउद्देशीय स्वास्थ्य समाधान शिविरों में सक्रिय रूप से सहभागिता दर्ज कराते रहे हैं। नौगांव  एवं सतना में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में उपस्थित होकर उन्होंने हज़ारों मरीजों का उपचार किया था। यही नहीं समय-समय पर न्यास की ओर से भेजे गए वंचित व जरूरतमंद मरीजों को मेदांता अस्पताल में यथासंभव सहयोग करते रहते हैं।


विवेक स्वरूप जी (प्रयागराज)

 कोविड और सामान्य सर्दी जुकाम में कैसे अंतर करें?

 डॉ सन्दीप मित्तल 

आजकल मौसम में कोविड के लक्षण अधिक हैं। एक निश्चित दवाइयॉं, गर्म पानी, काढा, व्यायाम ही इसका उपचार है।


देवकी नंदन साहू : 

 जुलाई में कोरोना पॉजिटिव हुआ था, फेफड़े में संक्रमण की आशंका है, क्या कोरोना पुनः हो सकता है? 

 डॉ सन्दीप मित्तल : दोबारा कोरोना से संक्रमित होने के मामले काफी देखने में आए हैं। आप पुनः जांच करवा सकते हैं। लेकिन इस बार कम असरदार होगा। डॉक्टर के बताए गए परामर्श को अमल में लाएं।


 पल्लवी तिवारी (भोपाल) : 

 यदि परिवार में मां-बाप को कोरोना हो गया है, तो बच्चों को कैसे बचाएं? 

 डॉ सन्दीप मित्तल

बच्चों को कहीं और न छोड़ें। वह और अधिक चिन्तजनक होगा, इसलिए परेशान न हों। बच्चे बहुत जल्दी इस बीमारी से बाहर आ जाते हैं। 


 श्यामलाल गुप्ता : सतना 

 क्या घर में ही ऑक्सीजन की आपूर्ति कर सकते हैं? 

 डॉ सन्दीप मित्तल : 

एक सामान्य व्यक्ति के मन में ऑक्सीजन को लेकर ऐसे विचार स्वाभाविक रूप से आते हैं। आपने बहुत अच्छा प्रश्न किया। मैं आपके माध्यम से लोगों से यही कहना चाहूंगा कि ऑक्सीजन कोई आलू-प्याज नहीं है, जो इसको आप स्टोर कर सकें। यह ज्वलनशील पदार्थ (गैस) है। इसलिए ऑक्सीजन को संग्रहित करने या तैयार करने का विचार भी न करें।


धीरेन्द्र गुप्ता रेज़ा

 कोविड और टीवी के लक्षण में कैसे अंतर करें ?

 डॉ सन्दीप मित्तल 

कोविड में बहुत लंबे लक्षण नहीं होते हैं। टीवी के लक्षण बहुत पुराने होते हैं। कोविड में जुकाम होता है। सूखी खांसी होती है। कोविड के लक्षण समान्यतः 8-10 दिन पुराने होते हैं, जबकि टीवी के लक्षण महीनों पुराने होते हैं।


 विराज तिवारी (उज्जैन) 

 बुखार काफी दिनों से आ रहा है क्या करें ?

 डॉ सन्दीप मित्तल : निकटतम चिकित्सक से परामर्श करें व जॉंच करायें। मैं एक बार पुनः यही दोहराना चाहूंगा कि हर बुखार कोविड नहीं होता है।


 नारायणदास जी 

 दिल्ली में आप जैसे वरिष्ठ डॉ. का सहयोग कैसे प्राप्त कर सकते हैं? 

 डॉ सन्दीप मित्तल : 

न्यास के माध्यम से आप मुझसे प्रत्यक्ष रूप से जुड़ सकते हैं। 


संतोष दुबे कटनी

बुखार आने पर डॉक्टर बड़ी तेज़ एंटीबायोटिक दवा देना शुरू करते हैं इसका उपयोग कहाँ तक उचित है?


डॉ. संदीप मित्तल

आपके स्थानीय डॉक्टर आपकी पूर्ण जाँच करने के बाद ही दवाई देते हैं इसलिए उनकी सलाह मानना ही सबसे उपयोगी होता है।


 अरविंद मिश्रा (रीवा) 

 मैं परिवार सहित दिल्ली से मध्यप्रदेश स्थित रीवा अपने गांव आ गया हूँ, क्या गांव में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है? 

 डॉ सन्दीप मित्तल: 

शहर से नहीं कोरोना से डरना है। गांव की हवा खाइए, सेहतमंद रहिए। लेकिन गांव में भी मास्क लगाएं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।


 मनोज सिंह (जौनपुर) 

 डॉ त्रेहान जी से जो ऑनलाइन स्वास्थ्य परिचर्चा का क्रम शुरू हुआ, आज आपका बहुमूल्य परामर्श हमें मिला।  क्या यह क्रम आगे भी जारी रहेगा? 

 डॉ सन्दीप मित्तल : 

निश्चित रूप से मैं जितना संभव होगा, न्यास के माध्यम से आप सभी का सहयोग करने का प्रयास करूंगा।


 श्याम तिवारी (सागर) : 

 क्या हवा में भी यह फैल रहा है? 

 डॉ सन्दीप मित्तल :  ताजा शोध में इस ओर संकेत किया गया है। इसलिए आप यह मानकर चलिए की आप कोरोना काल में जी रहे हैं। इसलिए जितना संभव हो इससे बचाव के उपाय को अपनाएं।


 आनन्द सोनी (सतना) 

 अल्कोहल सूंघने से क्या कोविड से बचा जा सकता है? 

 डॉ सन्दीप मित्तल : यह बिल्कुल गलत व दुष्परिणाम दायक होगा। हर पदार्थ का अपना गुण होता है, उसी के अनुरूप वह शरीर पर प्रभाव डालता है। इसलिए सेनेटाइजर को हाँथ में लगाने की सलाह दी जाती है। इसकी तुलना अल्कोहल से न करें।


 विकास मिश्र नागपुर: 

 *क्या बीमारी से पूर्व ही स्टिरॉयड लेना उचित है? 

 डॉ सन्दीप मित्तल : मैं इसका सुझाव नहीं दूंगा। यह उचित नहीं होगा। आप चिकित्सक के परामर्श के बिना स्टिरॉयड न लें। यह दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।





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