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पं.गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास * कोविड-19 काल में अष्टम परिचर्चा : आयुर्वेद के घरेलू नुस्खों से असाध्य रोगों का उपचार व निदान* पर आयोजित करने जा रहा है।

 पं.गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास * कोविड-19 काल में   अष्टम परिचर्चा : आयुर्वेद के घरेलू नुस्खों से असाध्य रोगों का उपचार व निदान* पर आयोजित करने जा रहा है। 


अष्टम स्वास्थ्य  परिचर्चा के लिए  अपनी संस्कृति, पूर्वजों की अर्जित पूँजी आयुर्वेद और देशी नुस्खों को सहेजने का पं. गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास की ओर से एक प्रयास है।इसमें हमारे साथ में 1927 में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में जन्मे 93 साल के *पंडित लक्ष्मण दास जी रत्न भारद्वाज * होंगे, जिन्हें गुरुजी के नाम से भी जाना जाता है। 

      आप पिछले  सात दशकों से नाड़ी परीक्षण, एक्यूप्रेशर, सूर्य किरण चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से अब तक लाखों असाध्य मरीजों को नया जीवनदान दे चुके हैं। प्राचीन नाड़ी विद्या को जानने वाले वैद्य भारत में अब विरले ही बचे हैं। 

पिछले 51 वर्षों से गुरुजी ने अन्न का त्याग कर रखा है।वह केवल दोपहर में छाछ व रात्रि में दूध का सेवन करते हैं।

     गायत्री सिद्ध पुरुष श्री गुरुजी ने अपने जीवन के कई वर्ष जंगलों में बिताए और 10000 से भी ज्यादा औषधियों का अमूल्य ज्ञान प्राप्त किया। 

     गुरुजी का कहना है आयुर्वेद ही एकमात्र ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसके माध्यम से हम जड़ से रोगों को खत्म कर सकते हैं।पं. लक्ष्मण दास जी रत्न भारद्वाज गुरुजी की एक पुस्तक *स्वस्थ- विचार स्वस्थ- तन स्वस्थ-मन स्वस्थ-जीवन * जिसके 9 वॉल्यूम है। इसमें घरेलू उपायों के माध्यम से इलाज के उपाय सुझाए गए हैं। आपका स्वस्थ विचार नाम का एक यूट्यूब चैनल है जो संस्कृति टीवी पर 24 x 7 चलता है। जिसके माध्यम से  रोग विशेष की पूर्ण जानकारी लक्षण और उपचार दर्शकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। 


       सेवा न्यास के अध्यक्ष  डॉ राकेश मिश्र ने कहा है कि ग्रुप में व मेरे व्यक्तिगत नंबर पर लगातार आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों से उपचार के लिए योग्य वैद्य का अनुरोध किया जा रहा था। पं. गणेश प्रसाद मिश्र जी स्वयं वैद्य रहे हैं।एक कार्यक्रम में न्यास के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र जी की मुलाकात आदरणीय लक्ष्मण दास भारद्वाज जी से हुई। उनके घरेलू नुस्ख़ों ने प्रभावित किया और स्वयं दवाओं की निर्माण प्रक्रिया देखी। जो ग़ैर व्यावसायिक है और लोक कल्याणार्थ है तथा भारतीय ज्ञान विज्ञान को लुप्त होने से बचाने के लिये ह। जब उन्हें स्वास्थ्य परिचर्चा के बारे में बताया तो उन्होंने मेरा निवेदन सहर्ष स्वीकार कर लिया।


आप अपने परिचितों व मित्रों को सूचना देकर, माइक्रोसॉफ़्ट टीम एप के माध्यम से 30 अगस्त, रविवार सायं 4 बजे अवश्य जुड़िये ।

धन्यवाद!

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