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Sunday, October 20, 2019

सातवें वेतनमान व बीएलओ कार्य से मुक्ति के लिये आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन


सातवें वेतनमान व बीएलओ कार्य से मुक्ति के लिये आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन
जिले भर से आये सैकड़ों अध्यापक हुए शामिल
नोट :- उक्त समाचार के साथ फोटों क्रमांक 001, 002 लगायें।
छतरपुर। रविवार को आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों अध्यापकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सातवां वेतनमान शीघ्र दिलाये जाने एवं जिले के शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त करने की मांग की।
आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनुपम त्रिपाठी के नेतृत्व में जिले भर से आये सैकड़ों अध्यापक मोटे के महावीर मंदिर में एकत्र हुए जहां एक बैठक करने के बाद सभी अध्यापक कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन की ओर से  मौजूद नायब तहसीलदार मैडम को तीन ज्ञापन सौंपे।
जिला अध्यक्ष अनुपम त्रिपाठी ने बताया कि राज्य शिक्षा सेवा में अध्यापकों के संविलियन के बाद जुलाई 2018 से सातवें वेतनमान का लाभ देने के आदेश होने के बावजूद अभी तक सातवें वेतनमान का लाभ न मिलने से अध्यापकों में आक्रोश व्याप्त है और संघ के प्रांत अध्यक्ष भरत पटेल के आव्हान पर 20 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन सौपें गए हैं। इसी क्रम में छतरपुर में भी मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में अध्यापकों को शीघ्र सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने,शिक्षा विभाग में संविलियन से शेष रहे अध्यापकों का शीघ्र संविलियन करने, अनुकम्पा नियुक्ति के नियमों का सरलीकरण करने की मांगें की गईं है। वहीं जिला कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त रखने की मांग की गई है।
अन्य जिलों में शिक्षकों को बीएलओ कार्य से किया गया है मुक्त- ज्ञापन में बताया गया है कि मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र दिनांक 25 मार्च 2013 एवं संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र मध्य प्रदेश के पत्र दिनांक 24 सितम्बर 2019 के द्वारा शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त रखने के लिए कहा गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धार 27 में भी निर्वाचन कार्य,जनगणना कार्य एवं आपदा राहत कार्यों को छोड़कर किसी अन्य कार्य मे शिक्षकों को संलग्न करने की मनाही है। उक्त आदेशों के अनुसार प्रदेश के कई अन्य जिलों में शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त कर दिया गया है। चूंकि स्कूलों में दक्षता उन्नयन जैसा महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहा है। और बीएलओ डियूटी होने से शिक्षण प्रभावित हो सकता है। इस लिए छतरपुर जिले में भी शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त करने की मांग की गई है। वहीं लवकुशनगर से आये शिक्षकों द्वारा सौंपे गए एक अन्य ज्ञापन में शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लवकुशनगर में पदस्थ रहे लेखापाल नन्द किशोर सिंह परिहार का निलंबन समाप्त कर उन्हें बहाल करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती स्कूल की एसएमसी द्वारा की जाती है और श्री परिहार का कार्य व्यवहार शिक्षकों के प्रति अच्छा रहा है। इसलिए पुन: विचार कर उनके निलंबन को समाप्त करने की मांग जिला कलेक्टर से की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान श्रीमती रजनी जैन, जिला संयोजक जगदीश सोनी, जिला संगठनमंत्री अनिल शुक्ला, जिला सचिव राकेश द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष वीर सिंह यादव,विनोद दुबे, गौरीशंकर विश्वकर्मा, अरुण मिश्रा, दिनेश जोहरी, राज गुप्ता, राजकुमार अनुरागी, सरमन सेन, बब्बी तिवारी, वीरेंद्र सोनी, छतरपुर ब्लॉक अध्यक्ष परमानन्द पांडे, लवकुशनगर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र पटेल, नौगांव ब्लॉक अध्यक्ष सचिन द्विवेदी, बारीगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष अजय राय, भूपेंद्र रिछरिया, श्रीमती सुमन नामदेव, श्रीमती नीलम वर्मा, यादवेंद्र सिंह, राजकुमार रिछरिया, टीकाराम अहिरवार, मनोज चौरसिया, विजय सोनी, जीतेन्द्र चतुर्वेदी, समर श्रीवास्तव, केके हरदेनियां सहित जिले भर से आये एक सैकड़ों से अधिक अध्यापक शामिल रहें।

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