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Sunday, October 20, 2019

नई रेत नीति बनने के बाद शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे कलेक्टर

छतरपुर। मप्र शासन ने नई रेत खनन नीति बनाई है जिसके तहत 43जिलों में निविदा प्रक्रिया 8 नवंबर 2019 तक निर्धारित की गई है। निविदाकारों को उच्चतम बोली लगाने वालों को रेत खदान संचालन की जिम्मेदारी नई नीति के अनुसार व्यवधानिक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद मिलेगी। परंतु शासन ने 11 अक्टूबर 2019 को यह निर्णय लिया कि निजी भूमि एवं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित रेत खदानों को 30 जून 2019 के पूर्व पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हो गई थी ऐसी सभी खदानों को तत्काल संचालित करने के निर्देश प्रमुख सचिव खनिज नीरज मंडलोई द्वारा जारी किए गए थे और इस संबंध में खनिज मंत्री प्रदीप जयसवाल ने यह भी कहा था कि प्रदेश में जनता को रेत प्राप्त करने में कोई दिक्कत न हो इसको ध्यान में रखते हुए निजी भूमि की रेत खदानें एवं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की गईं रेत खदानों को चालू करने का निर्णय भी लिया गया था। परंतु छतरपुर कलेक्टर मोहित बुंदस ने शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए अभी तक कोई भी ग्राम पंचायत एवं निजी भूमि की फाइलें स्वीकृत नहीं की हैं। इन फाइलों को वह अपने सीने से चिपकाकर बंगले में रखे हुए हैं। जबकि ये सभी फाइलें पूर्व में एनजीटी एवं सीटीओ से स्वीकृत हो चुकी हैं केवल मात्र इन्हें स्वीकृति प्रदान करना है। परंतु छतरपुर कलेक्टर ये सभी फाइलें दबाकर बैठे हुए हैं और रेत माफियों को लाभ पहुंचाने के लिए इन ग्राम पंचायतों और निजी भूमि की फाइलों को स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। खनिज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शासन के आदेश आने के बाद ये सभी फाइलें कलेक्टर के पास भेज दी गई हैं। अंतिम निर्णय कलेक्टर को करना है। फिलहाल छतरपुर कलेक्टर भी होशंगाबाद के कलेक्टर की तरह रेत की फाइलों को लेकर विवादों में न पड़ जाएं। हालांकि यह मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी आ गया है। अब देखना है कि कलेक्टर इन फाइलों को कब तक करते हैं। खनिज विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने पूरे प्रदेश के कलेक्टरों को यह निर्देश जारी किए थे कि निजी भूमि एवं ग्राम पंचायतों को पूर्व में स्वीकृत की गई रेत खदानों को तत्काल प्रभाव से चालू कराया जाए। ताकि प्रदेश में रेत की कमी न पड़े। परंतु छतरपुर कलेक्टर ने खनिज विभाग के प्रमुख सचिव के आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया है और धड़ल्ले से रेत माफियों को लाभ पहुंचाने में लगे हुए हैं। गौरिहार तहसील से प्रतिदिन लगभग 150 ट्रक अवैध रूप से उत्खनन किए जा रहे हैं। यह आरोप भी भाजपा के विधायक राजेश प्रजापति ने बीते रोज लगाए थे। जो बात अब सही साबित हो रही है। इस संबंध में खनिज इंस्पेक्टर अजय मिश्रा ने बताया कि सोमवार तक ग्राम पंचायतों एवं निजी भूमि की सभी फाइलों के प्रस्ताव राज्य शासन के पास भेज दिए जाएंगे। 

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